कवर्धा: ग्राम अतरिया खूर्द में कथित गोवंश मौत मामले को ग्रामीणों ने बताया भ्रामक, सरपंच ने बताया चार पानी की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध।

कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के ग्राम अतरिया स्थित गौशाला को लेकर कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो के माध्यम से दावा किया गया था कि गौशाला संचालक की कथित लापरवाही के चलते भूख-प्यास से गोवंश की मौत हो रही है और घटना को छिपाने के लिए मृत गोवंश को फोक नदी में बहाया जा रहा है।

मामले की पड़ताल के लिए जब हम ग्राम अतरिया पहुंचकर ग्रामीणों और सरपंच से चर्चा की गई, तो उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को भ्रामक बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में गोवंश के लिए पर्याप्त चारा-पानी की व्यवस्था है। साथ ही उनकी देखरेख के लिए चरवाहे की भी व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों के मुताबिक गौशाला में गोवंश के रखरखाव को लेकर किसी तरह की समस्या नहीं है।
मृत गोवंश को नदी में बहाए जाने के दावे पर ग्रामीणों ने बताया कि गौशाला के पास नदी बहती है। आसपास के कुछ गांवों में मृत गोवंश को नदी में प्रवाहित करने की परंपरा होने की बात भी ग्रामीणों ने कही। उनका कहना है कि नदी में बड़े-बड़े चट्टान होने के कारण कई बार मृत गोवंश चट्टानों के बीच फंस जाते हैं। इसी को गौशाला से जोड़कर सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
सरपंच नरेश साहू का क्या कहना है।

गौशाला को शासन की ओर से कोई अनुदान नहीं मिलता है और गोवंश के रखरखाव की व्यवस्था उनके द्वारा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी रंजिश के चलते गांव और पंचायत की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी प्रसारित की गई है।

ग्रामीणों ने भी स्पष्ट किया कि गौशाला में गोवंश की भूख-प्यास या देखरेख में लापरवाही के कारण मौत होने जैसी कोई घटना उनके सामने नहीं आई है। ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की वास्तविकता की जांच कर सही तथ्य सामने लाने की मांग की है।




