कवर्धा: सरोधा -भोरमदेव बदहाल मार्ग के निर्माण व चौड़ीकरण को लेकर राजा खड्गराज सिंह ने कलेक्टर को लिखा पत्र, जल्दी बनाने की मांग

कवर्धा-सरोधा-भोरमदेव मार्ग के निर्माण और चौड़ीकरण की मांग
10 वर्षों से बदहाल कवर्धा-सरोधा-भोरमदेव मार्ग, खड्गराज कुमार सिंह ने कलेक्टर को लिखा पत्र
कवर्धा। कवर्धा से सरोधा होते हुए भोरमदेव जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर खड्गराज कुमार सिंह ने सड़क का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। मार्ग की जर्जर एवं संकरी स्थिति को देखते हुए उन्होंने कबीरधाम कलेक्टर को पत्र लिखकर सड़क के शीघ्र निर्माण एवं चौड़ीकरण की मांग की है।
खड्गराज कुमार सिंह ने पत्र में कहा है कि कवर्धा-सरोधा-भोरमदेव मार्ग के निर्माण और चौड़ीकरण की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। यह मार्ग 10 से अधिक गांवों के ग्रामीणों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों के साथ-साथ भोरमदेव आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है।
उन्होंने बताया कि कवर्धा शहर के वरिष्ठ नागरिक भी सुबह-शाम इस मार्ग पर पैदल भ्रमण करते हैं। वहीं पुलिस एवं अन्य सेवाओं में भर्ती की तैयारी करने वाले युवा दौड़ और शारीरिक अभ्यास के लिए इसी मार्ग का नियमित उपयोग करते हैं। सड़क के कई हिस्सों में मार्ग संकरा होने के कारण आमने-सामने से वाहनों के गुजरने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
सिंह ने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र में कॉरिडोर निर्माण एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास से आने वाले समय में पर्यटकों और वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में वर्तमान सड़क भविष्य के बढ़ते यातायात दबाव के लिए पर्याप्त नहीं होगी।
उन्होंने कलेक्टर से मार्ग का शीघ्र तकनीकी सर्वेक्षण कराने, यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने तथा आवश्यक बजट एवं प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने की मांग की है। साथ ही पैदल चलने वाले वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक सड़क सुरक्षा प्रावधान शामिल करने की बात कही है।
खड्गराज कुमार सिंह ने कहा कि यह केवल सड़क निर्माण का विषय नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों की सुविधा, सुरक्षा और भोरमदेव के भविष्य के पर्यटन विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने मांग की कि कॉरिडोर के पूर्ण विकास से पहले ही सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए।




