कवर्धा: स्मार्ट मिटर और बढ़ती बिजली दर के खिलाफ कांग्रेसियों ने खोला मोर्चा, भाजपा सरकार पर लगाएं गंभीर आरोप

कवर्धा में स्मार्ट मीटर को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने स्मार्ट मीटर हटाने के अभियान की शुरुआत कर दी है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने प्रेसवार्ता में केंद्र और राज्य की साय सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के जरिए आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि अब घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर के विरोध में सभी उपभोक्ताओं के घरों में पहुँचकर फार्म भराएगी, और मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि देश में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद जनता को राहत नहीं बल्कि महंगी बिजली का बोझ दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी हुई है और सरकार निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही है।

कांग्रेस ने आज से जिले के प्रत्येक गांव और शहर में घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर के विरोध में फॉर्म भराने का अभियान शुरू किया है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार ने स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली दरों में राहत देने का निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने यह भी याद दिलाया कि हाल ही में जिले के कई ब्लॉकों में बिजली कार्यालयों का घेराव किया गया था, जहां कई ग्रामीण अपने घरों से स्मार्ट मीटर निकालकर बिजली विभाग कार्यालय के सामने फेंकते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट हाफ बिजली योजना को भाजपा सरकार ने बंद कर दिया, जबकि कांग्रेस शासनकाल में बिजली दरों में मामूली वृद्धि हुई थी। इसके विपरीत, भाजपा सरकार के ढाई वर्षों के कार्यकाल में बिजली दरों में लगभग 31 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया गया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर और बढ़ी हुई बिजली दरों के खिलाफ उसका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।



