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कवर्धा: कांग्रेस का हल्लाबोल प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट के सामने पीएम मोटी का पुतला फूंका, प्रधानमंत्री के इस्तीफा और ज्ञानेश पर कारवाई की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

कवर्धा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम के अध्यक्ष नवीन जायसवाल के नेतृत्व में सोमवार को हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए SIR सहित चुनावी प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों पर सवाल उठाए तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि आज देश की जनता के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि केंद्र और भाजपा शासित राज्य सरकारों को लगातार जनविरोधी और किसान, युवा एवं आम जनता से जुड़े फैसले लेने का आत्मविश्वास आखिर कहां से मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि जनता महंगाई से परेशान है, आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार जनता के आक्रोश और विरोध की अनदेखी कर रही है। विकास एवं निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।

नवीन जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा जब सैंया भय चुनाव आयोग तो डर काहे का इसी सवाल का जवाब आज देश की जनता मांग रही है।

नवीन जायसवाल ने कहा कि हाल में सामने आई एक रिपोर्ट ने निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। Indian Express की 25 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार आयोग के कुछ निर्णयों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता नामों को हटाने तथा मतदाता सूची से जुड़े IT सिस्टम के केंद्रीकरण सहित कई मुद्दों का उल्लेख किया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के भीतर ही निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो देश की जनता को इन सवालों का स्पष्ट और पारदर्शी जवाब मिलना चाहिए।

जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मनीष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लंबे समय से मतदाता सूची SIR और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब निर्वाचन आयोग के दो आयुक्तों द्वारा दर्ज की गई आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद इन मुद्दों पर सार्वजनिक बहस और जांच की आवश्यकता और बढ़ गई है। रिपोर्ट में दोनों आयुक्तों द्वारा कुछ निर्णयों पर आपत्ति और उन्हें जानकारी से बाहर रखे जाने संबंधी चिंताओं का उल्लेख किया गया है।

शहर अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सर्वोच्च है और मतदाता सूची से जुड़े किसी भी निर्णय पर संदेह की स्थिति पैदा होती है तो उसका समाधान तथ्यों, पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से होना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता किसी व्यक्ति या दल की नहीं, बल्कि जनता के मत की होती है और जनता के मत की सुरक्षा हर संवैधानिक संस्था की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

आज के कार्यक्रम में प्रमुखरूप से पूर्व जिला अध्यक्ष नीलकंठ चंद्रवंशी, होरी राम साहू,महेश चंद्रवंशी,शहर ब्लॉक अध्यक्ष मणिकांत त्रिपाठी, ब्लॉक अध्यक्ष प्रभाती मरकाम, ब्लॉक अध्यक्ष छबिलाल वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष चेतन वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष शौंकी साहू, ब्लॉक अध्यक्ष उत्तरा दिवाकर महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सीमा अनंत, शहर अध्यक्ष नारायणी तोंडर, सेवा दल अध्यक्ष पदुम सेन जिला महामंत्री गोपाल चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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