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कवर्धा: मनरेगा क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला फिर बना प्रदेश में अग्रणी।

कवर्धा: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला एक बार फिर प्रदेश में अग्रणी साबित हुआ है। जिले ने दिव्यांगों, महिलाओं और पंजीकृत परिवारों को सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। गांवों में ही बड़े पैमाने पर रोजगार मिलने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है।


जिले के चारों विकासखंड—कवर्धा, बोड़ला, सहसपुर लोहारा एवं पंडरिया—की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा अंतर्गत निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 32 हजार से अधिक ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले ने अब तक 35 लाख 60 हजार मानव दिवस का रोजगार सृजित किया है, जिसके एवज में 78 करोड़ 81 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान सीधे ग्रामीणों के बैंक खातों में किया गया है।
मनरेगा के विभिन्न मापदंडों में कबीरधाम जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है। योजना के तहत 1,994 दिव्यांगों, 1 लाख 597 महिलाओं तथा 1 लाख 1 हजार 405 पंजीकृत परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है। मानव दिवस सृजन के मामले में जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर बना हुआ है।


कलेक्टर कबीरधाम गोपाल वर्मा ने बताया कि जिले की 427 ग्राम पंचायतों में 3,532 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इनमें कच्ची नाली निर्माण, गाद निकासी, तालाब निर्माण व गहरीकरण, आजीविका डबरी, अमृत सरोवर एवं पशु शेड निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। इनसे एक ओर रोजगार सृजन हो रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक अधोसंरचना का विकास भी किया जा रहा है।
जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम ने जानकारी दी कि अब तक 3,347 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। रोजगार के साथ-साथ समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही आजीविका संवर्धन और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

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