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नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी ने संघर्ष विराम का ऐलान, सरकार से शांति वार्ता की पेशकश. गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा पत्र की सत्यता पहली प्रथामिकता फिर करेंगे विचार।

कवर्धा: छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे से बड़ी खबर सामने आई है। माओवादी संगठन की केंद्रीय कमेटी ने अस्थायी रूप से हथियारबंद संघर्ष रोकने और सरकार से शांति वार्ता करने की पेशकश की है। कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वे फिलहाल हिंसा का रास्ता छोड़कर बातचीत के जरिए समाधान खोजने के लिए तैयार हैं। यह फैसला नक्सल आंदोलन के भविष्य को लेकर एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक माओवादियों ने राज्य सरकार को एक चिट्ठी भेजी है, जिसमें संघर्ष विराम और वार्ता की अपील की गई है। इस पत्र को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने इसे जांच के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंपा है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सबसे पहले इस चिट्ठी की प्रमाणिकता की जांच की जाएगी। जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि पत्र वास्तव में माओवादी नेतृत्व की ओर से आया है, तब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा।

शर्मा ने आगे कहा कि अगर पत्र की सत्यता सिद्ध होती है तो सरकार वार्ता की दिशा में कदम बढ़ाने पर विचार करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शांति की समर्थक है, लेकिन किसी भी प्रकार की रणनीति या छल से सावधानी बरतना जरूरी है।

गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के चलते नक्सली गतिविधियों में भारी कमी आई है। कई शीर्ष नक्सली सरेंडर कर चुके हैं और कई अभियान सफल रहे हैं। ऐसे में माओवादियों की यह पहल सरकार और प्रभावित इलाकों के लिए राहत का संकेत हो सकती है। अब सबकी नजरें पत्र की जांच रिपोर्ट और सरकार की आगे की रणनीति पर टिकी हैं।

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