कवर्धा: कूप निर्माण बना खुशहाली का आधार, बढ़ी किसान की आमदनी और आत्मविश्वास

कवर्धा: बोड़ला विकासखण्ड के वनांचल ग्राम पंचायत सरईपतेरा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। इसी योजना के तहत निर्मित सिंचाई कूप ने किसान श्री बिसाहु सहरिया के जीवन में खुशहाली के नए द्वार खोल दिए हैं।
किसान बिसाहु सहरिया के पास मात्र 2.10 एकड़ कृषि भूमि है। सिंचाई के साधन न होने के कारण वे बरसात के पानी पर निर्भर रहते थे, जिससे वर्ष में केवल एक ही फसल हो पाती थी। बारिश कम होने पर फसल नुकसान और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता था। लेकिन ग्राम पंचायत के सहयोग से मनरेगा योजना के अंतर्गत 2.44 लाख रुपये की लागत से सिंचाई कूप स्वीकृत और निर्मित किया गया। कार्य 8 अप्रैल 2024 से शुरू होकर 27 अप्रैल 2024 को पूरा हुआ।
कूप निर्माण के दौरान ₹60,000 की मजदूरी मनरेगा जॉब कार्डधारी परिवारों को, जिसमें किसान बिसाहु का परिवार भी शामिल रहा, का भुगतान किया गया। शेष ₹1.82 लाख सामग्री मद में व्यय किया गया। निर्माण पूरा होते ही खेत में वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो गई और किसान के जीवन में आर्थिक बदलाव साफ नजर आने लगा।

कूप निर्माण के बाद अब किसान खरीफ, रबी और जायद — तीनों मौसमों में खेती कर रहे हैं। खेत में सब्जी उत्पादन भी शुरू किया गया है और बाजार में बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। खेती विस्तार के साथ पशुपालन और छोटे व्यवसाय भी उनके परिवार की आजीविका में शामिल हो चुके हैं।
किसान बिसाहु सहरिया भावुक होकर बताते हैं—
“पहले केवल बरसात पर निर्भर था, लेकिन अब सालभर फसल ले पा रहा हूं। 2.10 एकड़ में धान और तिलहन की फसल से सालभर में लगभग डेढ़ लाख रुपये का मुनाफा कमा चुका हूं। मनरेगा योजना ने मुझे नई जिंदगी और नया आत्मविश्वास दिया है।”
ग्रामीणों का कहना है कि बिसाहु सहरिया की यह सफलता कहानी गांव के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है। मनरेगा से हुए कूप निर्माण ने केवल खेतों को पानी नहीं दिया, बल्कि किसानों के सपनों और उम्मीदों को भी सींचा है।




