कवर्धा: भोरमदेव को मिला आज पर्यटन कॉरिडोर का तोहफा, केंद्रीय पर्यटन मंत्री और मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन।

कवर्धा: नव वर्ष के पहले दिन छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध और प्राचीन भोरमदेव मंदिर को देश में एक नई पहचान मिली, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेन्द्र शेखावत आज कवर्धा पहुंचे और उन्होंने 146 करोड़ से बनने वाले भोरमदेव कॉरोरिडर का भूमिपूजन किया इस दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद संतोष पांडेय, विधायक भावना बोहरा और भाजपा के तमाम नेता अधिकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में आम जन उपस्थित रहें। मंत्री राजेन्द्र शेखावत ने हेलिकॉप्टर से उतरकर सबसे पहले भोरमदेव मंदिर पहुंचे और भोरमदेव बाबा की पूजा-अर्चना कर आशिर्वाद लिया और भोरमदेव परिसर का निरिक्षण किया जिसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पहुंचे जहां उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना कर भूमिपूजन किया जिसमें बाद दीप प्रज्ज्वलित कर मंच में पहुंचे जहां उनका स्थानीय नेताओं ने पर्यटन मंत्री और मुख्यमंत्री और साथ में पहुंचे अतिथियों को फूल-माला से जोरदार स्वागत किया।
भाषण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय मंत्री राजेन्द्र शेखावत को भोरमदेव कॉरोरिडर की सौगात के लिए आभार व्यक्त करते हुए बताया की भोरमदेव कॉरोरिडर बनने से ना कि सिर्फ भोरमदेव बल्कि आसपास के तमाम मंदिर और पर्यटन स्थल जैसे की छेरकी महल, मड़वा महल, रामचुआ मंदिर, सरोदा बांध मंदिर के सामने तलाब सौन्दर्यकरण और कांवड़ियों के लिए ठहरने के लिए भवन की व्यवस्था सहित क्षेत्र को एक विकसित किया जाएगा, उन्होंने बताया की भोरमदेव मंदिर एक बड़े से चट्टान पर खड़ा है मंदिर की न्यू नहीं है आने वाले समय में मंदिर को कोई नुक्सान ना हो इसलिए मंदिर की न्यू को मजबूत करने का काम किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा की छत्तीसगढ़ में विभिन्न पर्यटन और धार्मिक स्थल है, छत्तीसगढ़ को भगवान के ननिहाल माता कौशल्या के नाम से जाना जाता है हम सब को मिलकर भागवत राम के ननिहाल को सवारना है और छत्तीसगढ़ को पर्यटन और तीर्थस्थल के रूप में लेकर जाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानसा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में आदिवासी बैगा परिवार के लिए जन-मन योजना से सड़क, बिजली, पानी की सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है कल हमने 57 मोबाइल युनिट का भी ओपनिंग किया जिसमें पुरा टेक्निकल स्टाफ है जिसमें 25 तरह का बिमारी का इलाज होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मांग पर बोड़ला से भोरमदेव तक पहुंच मार्ग को चौड़ीकरण कर नवीनीकरण करने की घोषणा की

वही केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेन्द्र शेखावत ने कहा की मैं छत्तीसगढ़ दुसरी बार आया है यहां आने से पहले सिरपुरी गया था वहां भी और छत्तीसगढ़ में विभिन्न पर्यटन की अपार संभावनाएं है, छत्तीसगढ़ में जो विकास की बाधा थी नक्सलवाद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के समाप्ति के संकल्प के धरातल में संकल्प को सकार करने वाले दिन-रात परिश्रम करने वाले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा को धन्यवाद करता हूं अब छत्तीसगढ़ को नई दिशा मिलने वाली है भोरमदेव कॉरोरिडर एक शुरुआत है छत्तीसगढ़ में अनेकों विकास कार्य होंगे और छत्तीसगढ़ को देश में अलग पहचान मिलेगी। आज नव वर्ष के मौके पर हमने 146 करोड़ की लागत से बनने वाले भोरमदेव कॉरोरिडर का भूमिपूजन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संपन्न देश समृद्ध बनाने का 140 करोड़ लोगों के ताकत पर लिया गया संकल्प है, इस संकल्प के साथ हम सब लोग जुड़े, यहां शुभकामनाएं मैं नव वर्ष के मौके पर देना चाहता हूं, आज हम सब यहां एकत्रित आए समान्य अवसर नहीं है, यह सिर्फ एक परियोजना का शिलान्यास नहीं है हमारे आस्था और हजारों सालों के इतिहास को हजारों सालों के विश्वास को
इसको एक सुत्र में पिरो कर के हम अपने श्रद्धासुमन अर्पित करने एकात्रित हुए हैं, भारत की इस धरती ने भारत की कला आकृति को रचना गढ़ना और बढ़ने का काम किया है भारत में अनेकों प्रकार की संस्कृति है अलग-अलग रंग अलग-अलग बोली- भाषा भोजन अलग-अलग पूजा पद्धति है इन सब को समेटे हुए हमारी अलग संस्कृति है के बाद आधुनिक भारत का आत्मविश्वास के प्रतिक जो हजारों सालों से जो मंदिर खड़े हैं उनकी सेवा श्रद्धा का भाव अर्पित करने का सौभाग्य हमें मिला है। देश के प्रधानमंत्री ने संकल्पना की देश के टूरिज्म को आगे बढ़ाने के साथ-साथ भारत में पर्यटक का सबसे प्रमुख यदी कोई विषय है, कोई भी गरीब आदमी अगर उसके जेब में पांच रुपए भी बचता है, तो उसके मन में भाव रहता है अपने माता-पिता परिवार को किसी मंदिर या आस्था के केंद्रीय में लिजा कर दर्शन कराऊ इसलिए देश भर के मंदिरों को पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा लाया जा रहा है।



