कारखाना प्रबंधक पर शेयर वितरण में नियम बदलने का आरोप, किसानों ने NH-30 किया जाम

भोरमदेव शक्कर कारखाने के प्रबंधन के नए आदेश के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को बड़ी संख्या में किसानों ने रायपुर–जबलपुर नेशनल हाइवे-30 पर कारखाने के सामने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम की वजह से हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर हालात संभाले।
दरअसल, शक्कर फैक्ट्री प्रबंधन ने हाल ही में एक नया फरमान जारी किया है, जिसके तहत किसानों को अब शेयरधारी सदस्य बनने के लिए आवेदन पत्र के साथ स्टांप पेपर पर नोटरी करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले तक यह प्रक्रिया केवल आधार कार्ड के माध्यम से पूरी की जाती थी। अचानक नियम बदलने से किसानों में भारी नाराजगी है।
किसानों का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन मनमाने तरीके से निर्णय ले रहा है। कुछ लोगों को बिना किसी दस्तावेज केवल आधार कार्ड के आधार पर शेयर वितरण किया गया, जबकि जब आम किसान शेयर लेने पहुंचे तो उनसे नोटरी स्टांप और शपथ पत्र की मांग की गई। किसानों ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है और उनके ऊपर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाला है।
प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी किसानों को समान रूप से शेयर वितरण नहीं किया जाता और नया नियम वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
किसान नेता सुशील कुमार जायसवाल ने कहा कि “फैक्ट्री प्रबंधन अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है, जबकि आम किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।”