कवर्धा: शिक्षा विभाग , 3 साल में 2.18 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी, ऑडिट रिपोर्ट में मामले का खुलासा

कवर्धा: कवर्धा जिले के शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर वित्तीय मामला सामने आया है, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित ऑडिट टीम की जांच में खुलासा हुआ है कि बीते तीन वर्षों में कोषालय से निकाली गई 2 अरब 18 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का स्पष्ट और प्रमाणित हिसाब विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
जानकारी के अनुसार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कवर्धा का ऑडिट किए जाने पर कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं। ऑक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2025 के बीच कोषालय से कुल ₹2,18,04,87,344 की राशि आहरित की गई, लेकिन इस बड़ी रकम के व्यय से संबंधित पूर्ण लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया जा सका। ऑडिट के दौरान यह भी पाया गया कि कैश बुक अधूरी है, जबकि कई महत्वपूर्ण वाउचर और व्यय से जुड़े अभिलेख गायब हैं।

आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित अवधि में कई वित्तीय मामलों में अनियमितताएं हुई हैं। विशेष रूप से एरियर्स भुगतान से जुड़े मामलों की फाइलें अब तक लंबित हैं और उनकी स्थिति भी संदिग्ध बताई जा रही है। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका और गहरी हो गई है।
सबसे अहम सवाल यह है कि जिला स्तर पर अधिकारियों की निगरानी के बावजूद इतनी बड़ी राशि बिना स्पष्ट रिकॉर्ड के कैसे निकाली गई। यह पूरा मामला प्रशासनिक मॉनिटरिंग सिस्टम की कमजोरी को उजागर करता है।
मामला उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज है। सूत्रों के अनुसार, रिकॉर्ड दुरुस्त करने और मामले को दबाने के प्रयासों की भी चर्चाएं हैं, हालांकि इस संबंध में अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस गंभीर वित्तीय अनियमितता में जिम्मेदारी किसकी तय होगी और क्या मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।




