कवर्धा: आउटसोर्सिंग कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ अन्याय के विरोध में युवा कांग्रेस का ज्ञापन सौंपा

कवर्धा: धान खरीदी व्यवस्था में आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों ने सोमवार को जिलाधीश को ज्ञापन सौंपकर अपनी न्यायपूर्ण मांगों को मजबूती से रखा। युवाओं का आरोप है कि भाजपा सरकार ने उनसे मात्र 15 दिन काम करवाकर अचानक सेवा से बाहर कर दिया, जो पूर्ण रूप से अन्यायपूर्ण और अमानवीय है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ वर्ष 2025–26 में धान उपार्जन केंद्रों के संचालन के लिए जिले के 108 केंद्रों में आउटसोर्सिंग के जरिए बेरोजगार युवाओं की नियुक्ति कंप्यूटर/डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में की गई। मौखिक रूप से उन्हें आश्वासन दिया गया था कि या तो 6 महीने का वेतन दिया जाएगा या 3 साल तक काम पर रखा जाएगा। युवा ऑपरेटरों ने जिम्मेदारी से सिस्टम संभाला, किसानों की एंट्री की और खरीदी व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन जैसे ही पुरानी हड़ताल खत्म हुई और प्रबंधक तथा पूर्व ऑपरेटर लौटे, सरकार ने अचानक आदेश जारी कर नई नियुक्तियों को समाप्त कर दिया और युवाओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया। इतना ही नहीं, 15 दिन की सेवा के बावजूद उन्हें वेतन भी नहीं दिया गया।
युवा कांग्रेस विधानसभा कवर्धा अध्यक्ष वाल्मिकी वर्मा ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार में युवाओं के साथ अन्याय आम हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना वेतन के काम करवाना और फिर एक आदेश में सब खत्म कर देना क्या यही सरकार की युवा नीति है? उन्होंने मांग रखी कि आउटसोर्सिंग ऑपरेटरों को उनका वेतन तुरंत दिया जाए, निरस्तीकरण आदेश वापस लिया जाए और युवाओं के सम्मान व अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो युवाओं की आवाज और आंदोलन और भी मजबूत होकर उठेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कार्यक्रम में विक्की लहरे, मन्नू साहू, सौरभ राजपूत, आशीष यादव, महेंद्र, रमेंद्र, टेकराम, मुकेश, प्रहलाद, दीपक, राकेश, धनंजय, रूपेश, टीकाराम, भागवत, प्रमोद, देवेंद्र, मनेंद्र कौशल, नरेश, राहुल सहित कई आउटसोर्सिंग कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल रहे।




