कवर्धा: हिरण शिकार मामले में वन विभाग की बड़ी कारवाई, डॉग स्क्वायड की मदद से तीन आरोपी को पकड़ा। रविवार को तीन व्यक्ति ने हिरण के बच्चे को डंडे से पीट-पीटकर की थी हत्या।

कवर्धा: कवर्धा में हिरण का शिकार करने वाले तीन आरोपी को वन विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है. वन विभाग को दो दिन की जांच और खोजबीन के बाद आरोपी को पकड़ा है। आरोपियों पर वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई है।
डॉग स्क्वायड की ली मदद

वन विभाग ने आरोपियों को पकड़ने के लिए दुर्ग से डॉग स्क्वायड बुलाया और विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंच कर जांच शुरू की दो दिनों के खोजबीन के बाद एक आरोपी चिंताराम गोंड पकड़ा गया। आरोपी ने बताया की वह अपने दो अन्य साथी सूरज गोंड और रोशन गोंड के साथ मिलकर खाल और मांस के लिए हिरण का शिकार किया था. दिन में घर ले जाने पर गांव वालों की नजर उनपर पड़ जाती इसलिए उन्हें शव को पत्तों में छिपाकर रख दिया था और रात होने का इंतजार कर रहे थे। घर लेजाकर मांस आपस में बांटने का योजना बनाई थी लेकिन गांव वालों ने हिरण का शव देख लिया और वन विभाग को सूचना दे दी। आरोपी के बयान पर विभाग ने उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया है और शिकार में उपयोग डंडे को भी जब्त किया है।
रविवार को मिला था शव

रविवार को कबीरधाम जिले के पंडरिया ब्लॉक अंतर्गत नेऊर गांव के पास खेत के किनारे ग्रामीणों को पत्तों में ढका एक हिरण के बच्चे का शव मिला था. हिरण के सीर पर चोट के निशान थे. ग्रामीणों ने घटना की जानकारी वन विभाग को दी। सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके में पहुंचे और जांच किया। आरोपियों को पकड़ने डॉग स्क्वायड की मदद ली. दो दिनों के जांच के बाद गांव के ही एक व्यक्ति चिंताराम को हिरासत में लेकर पूछताछ किया आरोपी ने जुर्म कुबूल करते हुए अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर शिकार करना स्वीकार किया है।
विभागीय बयान
डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया की रविवार को पंडरिया के नेऊर गांव में खेत के पास हिरण का शव मिला था. हिरण के सिर पर चोट के निशान थे जिससे पता चला की हिरण का शिकार करने की नियत से मारा गया है. शव को कब्जे में लेकर जांच किया गया जांच में संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर घटना को आंजम देना कुबूल किया है। तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत न्यायालय में पेश किया जा रहा है।




